संपादक पुरुषोत्तम खरोला हरिद्वार उत्तराखंड के जौनसार में एक परिवार ने अजब-गजब मिसाल पेश की। परिवार में एक साथ 6 शादियां हुईं। जौनसार में अनोखी परंपरा है। यहां दुल्हनें बारात लेकर ससुराल पहुंचती हैं। बुधवार को 5 दुल्हनें बारात लेकर ससुराल पहुंची और परिवार ने उसी दिन एक बेटी की विदाई की। यह आयोजन पूरे गांव में चर्चा बटोर रहा है। लोग इस तरह के आयोजन की सराहना कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जौनसार के खारसी गांव में छह शादियां एक साथ पारंपरिक जोझोडा रीति रिवाज से सम्पन्न हुई। जिसमें पांच दुल्हन बारात लेकर आई और एक बेटी बारात लेकर दूसरे गांव गई। पूरे क्षेत्र में यह विवाह चर्चा और सामाजिक रूप से परिवार की एकजुटता के लिए चर्चा में हैं।
अनोखा और ऐतिहासिक विवाह समारोह
बुधवार को खारसी गांव में एक ही परिवार में पहुंची पांच दुल्हनें व एक बेटी की विदाई की गई। चकराता तहसील के अंतर्गत जौनसार-बावर क्षेत्र के दुरस्त गांव खारसी में बुधवार को एक अनोखा और ऐतिहासिक विवाह समारोह (जोझोडा) देखने को मिला। यहां एक ही परिवार में एक साथ छह शादियां संपन्न हुईं, जिनमें पांच दुल्हनें जिन्हें स्थानीय भाषा मे (जोझोल्टी) कहते हैं एक साथ अपने ससुराल खारसी पहुंची तो एक बेटी का कन्या दान भी किया गया। यह दृश्य न केवल आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध परंपरा और सामाजिक एकता की मिसाल भी पेश करता है।
जौनसार में आज भी संयुक्त परिवार वाली परंपरा
खारसी गांव के दौलत सिह चौहान ने यह विवाह संपन्न कर एक इतिहास रच दिया है। खारसी के दौलत सिंह चौहान ठेकेदार हैं जो एक सामूहिक संयुक्त परिवार के मुखिया भी हैं। इस परिवार ने एक अच्छी मिसाल पेश की। आज के युग में जहां दो भाई एक साथ नहीं रहते वहां दर्जनों लोग संयुक्त परिवार की परंपरा को आज भी निभा रहे है। यह इस विवाह ने साबित कर दिया है कि जौनसार में संयुक्त परिवार की परंपरा आज भी जीवित है।
ग्रामीणों ने आयोजन सराहा
ग्रामीणों ने बताया कि इनका परिवार कई पीढ़ियों से साथ रहकर हर जिम्मेदारी को मिलकर निभाता आया हैं। इसी परंपरा के तहत इस परिवार ने सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। जिससे आर्थिक बोझ कम होने के साथ साथ परिवार और समाज में सहयोग की भावना भी मजबूत हुई। ग्रामीणों कहना है कि इस तरह के आयोजनों में जहां खर्च कम होता है वंही रिश्तों में अपनापन भी बढ़ता है।


