सत्य साधक दतिया में लगातार 36 दिवसीय निराहार मां बगलामुखी की साधना में हुए लीन 

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सत्य साधक दतिया में लगातार 36 दिवसीय निराहार मां बगलामुखी की साधना में हुए लीन

संपादक पुरुषोत्तम खरोला हरिद्वार MP दतिया जय मां पीतांबरी साधना एवं दिव्य योग ट्रस्ट के संस्थापक (अध्यक्ष) एवं भारत के प्रसिद्ध मां बगलामुखी के सत्य साधक विजेंद्र पांडे (गुरुजी) ने शारदीय नवरात्रि में लगातार 36 दिवसीय निराहार महासाधना बुंदेलखंड मां बगलामुखी की पावन भूमि पर प्रारंभ दी है l गुरु जी के द्वारा लोककल्याण एवं जनकल्याण के उद्देश्य से शुरू की गई यह साधना मां बगलामुखी शक्तिपीठ के निकट स्थित राम जानकी मंदिर में की जा रही है l साधना 11 अक्टूबर से 17 नवंबर तक चलेगी साधना के पूर्ण होने पर 17 नवंबर को मां बगलामुखी का दिव्य एवं विराट लगातार 12 घंटे के महायज्ञ होगा और 18 नवंबर को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा l गुरु जी के दर्शन के लिए देश-विदेश से भक्तों का पहुंचने का सिलसिला जारी है l मां बगलामुखी दस महाविद्या में आठवीं महाविद्या है l इन्हें पीतांबरा और ब्रह्मास्त्र महाविद्या के नाम से भी जाना जाता है l मां को पीला रंग अति प्रिय है l माता बगलामुखी का वर्ण (रंग) और स्वरूप सोने या हल्दी जैसा पीला होता है उनके वस्त्र , माला , पूजन सामग्री और भोग भी पीले रंग के होते हैं l इन्हें स्तंभन की देवी इन्हें शत्रु की वाणी , बुद्धि शक्ति को स्तंभित करने वाली देवी माना जाता है l इनकी उपासना से साधक के भीतर के पांच मुख्य शत्रुओं काम , क्रोध , लोभ , मोह और अहंकार का दमन होता है l पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सतयुग में जब एक भयंकर तूफान आया था तब सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने सौराष्ट्र के हरिद्रा सरोवर के पास कठोर तपस्या की l माना जाता है द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण के निर्देश पर पांडवों ने (विशेषकर) युधिष्ठिर ने महाभारत के युद्ध में विजय पाने के लिए मां बगलामुखी की आराधना की थी l त्रेता युग में रावण द्वारा भी इनकी उपासना किए जाने का उल्लेख मिलता है