संपादक पुरुषोत्तम खरोला हरिद्वार कल्याणी ज्योतिष केंद्र पौराणिक शास्त्रों एवं पंचाग के अनुसार 15 फरवरी को मनाई जाएगी महाशिवरात्रि।
हरिद्वार स्थित कल्याणी ज्योतिष केंद्र के संस्थापक पंडित सुमित प्रहलाद जी का कहना है कि महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का अत्यंत पावन और सिद्धिदायक पर्व माना जाता है। यह रात्रि स्वयं देवों के देव महादेव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठतम अवसर होती है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई शिव उपासना जीवन के समस्त कष्टों को दूर कर सुख, समृद्धि और सफलता प्रदान करती है।
भगवान शिव की आराधना महाशिवरात्रि पर करने से आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ भौतिक जीवन में भी चमत्कारी लाभ प्राप्त होते हैं।
व्यापार एवं नौकरी में उन्नति
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप तथा शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से—
व्यापार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं
नए अवसर प्राप्त होते हैं
नौकरी में प्रमोशन एवं स्थिरता मिलती है
आर्थिक निर्णय सही सिद्ध होते हैं एवं सुमित प्रहलाद जी का कहना है कि शिव कृपा से परिश्रम का पूर्ण फल प्राप्त होता है। वैवाहिक जीवन में सुख
जो दांपत्य जीवन में तनाव, कलह या दूरी का सामना कर रहे हैं, उनके लिए शिवरात्रि पूजा अत्यंत फलदायी मानी गई है—
पति-पत्नी में प्रेम बढ़ता है, आपसी समझ मजबूत होती है, विवाह में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है, माता पार्वती सहित शिव पूजा करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
धन वृद्धि एवं आर्थिक समृद्धि
महाशिवरात्रि पर रात्रि जागरण, शिव मंत्र जाप और अभिषेक से—
धन आगमन के मार्ग खुलते हैं
रुका हुआ धन प्राप्त होता है
कर्ज से मुक्ति मिलती है
व्यापारिक लाभ बढ़ता है
शिव को “आशुतोष” कहा गया है — जो शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।
घर में सुख-समृद्धि
इस दिन की पूजा से—
घर का नकारात्मक वातावरण समाप्त होता है
रोग-क्लेश कम होते हैं
परिवार में शांति आती है
आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है
शिव कृपा से गृहस्थ जीवन संतुलित एवं मंगलमय बनता है।
पितृ दोष शांति
महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा, तर्पण एवं महामृत्युंजय जाप करने से—
पितरों की आत्मा को शांति मिलती है
पितृ दोष के दुष्प्रभाव कम होते हैं
वंश उन्नति के मार्ग खुलते हैं
यह रात्रि पितृ कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
कालसर्प दोष शांति
जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष होता है, उनके लिए शिवरात्रि सर्वोत्तम उपाय काल है—
नाग देवता सहित शिव पूजा करने से दोष शांत होता है
जीवन की अचानक बाधाएँ कम होती हैं
मानसिक भय व अशांति दूर होती है
रुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय मंत्र का जाप विशेष फल देता है।
शिवरात्रि पूजा का सरल उपाय
प्रातः स्नान कर व्रत संकल्प लें
शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी से अभिषेक करें
बेलपत्र, धतूरा, भांग अर्पित करें
“ॐ नमः शिवाय” या सांबसदा शिवाय नमः का जाप करें
रात्रि शिव चालीसा पाठ करें
महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन परिवर्तन का दिव्य अवसर है। इस दिन की गई सच्ची शिव भक्ति व्यापार में उन्नति, नौकरी में सफलता, वैवाहिक सुख, धन वृद्धि, गृह समृद्धि
पितृ दोष एवं कालसर्प दोष शांति
सभी प्रकार के शुभ फल प्रदान करती है।
शुभ मुहूर्त – प्रातः 8:26 से दिन 12:41 तक
मध्यान मुहूर्त – 2:06 से 3:31 तक शुभ वेला
रात्रि मुहूर्त – 6:22 से 11:06 तक शुभ अमृत चर वेला भावानुसार सब मुहूर्त शुभ है।
कल्याणी ज्योतिष केंद्र फो – 7078841161


