वैदिक पंचाग एवं शास्त्रानुसार 15 फरवरी को ही मनाई जाएगी शिवरात्रि।
हरिद्वार स्थित कल्याणी ज्योतिष केंद्र के संस्थापक पंडित सुमित प्रहलाद जी का कहना है कि महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का सर्वोच्च एवं सिद्धिदायक पर्व माना जाता है। यह रात्रि साधना, उपासना और मनोकामना पूर्ति की विशेष रात्रि होती है।
सर्व प्रथम मुहूर्त ।
प्रातः मुहूर्त – प्रातः 8:26 से मध्यान 12:41 तक शुभ
मध्यान मुहूर्त – 02:06 से 3:31 तक
रात्रि मुहूर्त – सायं 06:22 से 11:06 तक यह शुभ मुहूर्त है बाकी भावानुसार सभी मुहूर्त शुभ है ।
मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा व विधि-विधान से शिव पूजन करने पर जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं तथा सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय मंत्र जाप गृहस्थ व्यक्ति सांबसदा शिवाय नमः मंत्र का जाप करे विशेष फलदायी माना गया है। इस पावन अवसर पर किया गया पूजन व्यापार एवं कारोबार में उन्नति प्रदान करता है, रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं तथा नए अवसर प्राप्त होते हैं। आर्थिक दृष्टि से भी यह पर्व अत्यंत लाभकारी माना गया है, शिव कृपा से धन आगमन के मार्ग खुलते हैं, कर्ज से मुक्ति मिलती है और आर्थिक संकट दूर होते हैं। वैवाहिक जीवन में आ रही बाधाएँ, कलह एवं तनाव शिव-पार्वती पूजन से समाप्त होते हैं तथा दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य और सुख की वृद्धि होती है, अविवाहित जातकों के विवाह योग भी प्रबल होते हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से महाशिवरात्रि का पूजन ग्रह दोष, शनि पीड़ा, राहु-केतु बाधा, पितृ दोष एवं कालसर्प दोष की शांति हेतु अत्यंत प्रभावशाली माना गया है, जिससे मानसिक अशांति दूर होकर जीवन में स्थिरता आती है। गृहस्थ जीवन में चल रहे क्लेश, रोग, विवाद एवं नकारात्मकता भी शिव आराधना से समाप्त होती है तथा घर में सुख-समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वास होता है। अतः महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, व्रत, जप, तप एवं रात्रि जागरण सहित मनाने से व्यक्ति को भौतिक एवं आध्यात्मिक दोनों प्रकार के श्रेष्ठ फल प्राप्त होते हैं। महादेव की कृपा जिसके ऊपर भी हो गई उसका जीवन धन्य है । और धन्य है वह लोग जो शिवरात्रि पर्व पर भगवान का रुद्राभिषेक कर पाएंगे शिव कृपा जिसके ऊपर हो गई उसको किसी भौतिक वस्तु की कमी नहीं हो सकती ।
कल्याणी ज्योतिष केंद्र : 7078841161


