संपादक पुरुषोत्तम खरोला हरिद्वार गैरसैण विधानसभा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण विधानसभा के बाहर बढ़ती महंगाई, महिलाओं पर अत्याचार, बिजली की बढ़ती दरों, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, भर्ती घोटालों, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर किया प्रदर्शन
उत्तराखंड गैरसैंण विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन विधानसभा के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थायी राजधानी गैरसैंण, बढ़ती महंगाई, जंगली जानवरों के आतंक, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, बिजली की बढ़ती दरों, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, भर्ती घोटालों, होमगार्ड वर्दी घोटाले, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल चुनाव समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन मेहरा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता विधानसभा कूच के लिए निकले। इस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। गैरसैंण विधानसभा का घेराव करने पहुंचे कांग्रेसियों की भीड़ जंगलचट्टी और दुपतोलासैंण बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मियों को धकेलते हुए आगे बढ़ती रही। काफी प्रयासों के बावजूद प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़ते रहे। मुख्य बैरियर दिवालीखाल पहुंचने पर कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, हरक सिंह रावत और गणेश गोदियाल समेत कई नेता पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़कर वहीं धरने पर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक दिवालीखाल क्षेत्र स्थायी राजधानी गैरसैंण और अंकिता को न्याय दो जैसे नारों से गूंजता रहा विधानसभा कूच के दौरान दिवालीखाल में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने वाटर कैनन वाहन पर चढ़कर कानून व्यवस्था संभाली। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान धक्का-मुक्की में कई पुलिसकर्मी चोटिल भी हुए इस दौरान हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड और गैरसैंण के विकास के लिए जो रोडमैप तैयार किया गया था, वह आगे नहीं बढ़ पाया है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पानी की बौछारें कर तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आप सभी का जोश, उत्साह और संघर्ष यह स्पष्ट करता है कि हर मोर्चे पर विफल हो चुकी प्रदेश की भ्रष्ट भाजपा सरकार को सत्ता से हटाकर 2027 में बदलाव लाने के लिए कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी एकजुटता और मजबूती के साथ तैयार है। बताया गया कि एक दिन पहले यूकेडी के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में आई कमी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच दिवालीखाल बैरियर पर लंबे समय तक धक्का-मुक्की होती रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान सैंकड़ों कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे


