श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में हुआ हर्षोल्लास के साथ संस्कृत सप्ताह का शुभारम्भ

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संपादक पुरुषोत्तम खरोला हरिद्वार श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में हुआ हर्षोल्लास के साथ संस्कृत सप्ताह का शुभारम्भ

हरिद्वार। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में आज दिनाङ्क – 25/08/2026 को संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं जन-जागरण के उद्देश्य से संस्कृत सप्ताह का भव्य उद्घाटन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का प्रारम्भ पारम्परिक दीप प्रज्ज्वलन एवं मङ्गलाचरण के साथ किया गया।

उद्घाटन सत्र में उपस्थित मुख्य अतिथियों ने देवभाषा संस्कृत के वैज्ञानिक महत्व और सांस्कृतिक धरोहर पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए,

श्री गौरव शास्त्री (प्रान्त संगठन मंत्री, संस्कृत भारती) ने मुख्य वक्ता के रूप में अपना वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा केवल प्राचीन ग्रन्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों और वैज्ञानिक चिंतन का आधार है। इसे व्यावहारिक जीवन में अपनाना समय की आवश्यकता है। हमारे चिन्तन, व्यवहार एवं चरित्र में संस्कृत भाषा का समावेश होना चाहिये।

डॉ. वेदव्रत (सहायकाचार्य, संस्कृत विभाग, गुरुकुल काङ्गड़ी विश्वविद्यालय) ने संस्कृत साहित्य की समृद्ध परम्परा पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को वैदिकज्ञान और आधुनिक अनुसन्धानों के समन्वय से जुड़ने के लिए प्रेरित किया तथा अपने काव्यपाठ के माध्यम से महाविद्यालय में उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रभक्ति एवं देशप्रेम का सन्देस दिया।

श्री अमन सिंह तोमर (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्) ने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार अत्यंत आवश्यक है। छात्र शक्ति के माध्यम से इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

कार्यक्रम के समन्वयक महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. रवीन्द्र कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और संस्कृत सप्ताह के दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्व के कल्याण का सन्देश देती है। यह भाषा जाति, धर्म एवं देश-विशेष से ऊपर उठकर मानवमात्र को परिवार मानती है। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए संस्कृत निबंध, वाद-विवाद, श्लोकोच्चारण तथा भाषण जैसी विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

समारोह के अन्त में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कृष्ण कुमार पाण्डेय ने सभी मञ्चासीन अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।