पथरी। जंगल से अज्ञात वन तस्करों ने कीमती खैर के पेड़ों को काट कर हुए फरार। वन विभाग ने कटे पेड़ो की कुछ लकडियो को जब्त कर अज्ञात वन तस्करों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए दबिश दी जा रही है।

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संपादक पुरुषोत्तम खरोला हरिद्वार पथरी। जंगल से अज्ञात वन तस्करों ने कीमती खैर के पेड़ों को काट कर हुए फरार।

वन विभाग ने कटे पेड़ो की कुछ लकडियो को जप्त कर अज्ञात वन तस्करों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए दबिश दी जा रही है।

हरिद्वार। पथरी जंगल में खैर के कीमती पेड़ो को अज्ञात वन तस्करों द्वारा खैर के 3 कीमती पेड़ों को काटकर चोरी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पता चला है कि स्थानीय लोगो द्वारा वन विभाग को जानकारी दी गयी जिसमे वन विभाग ने मौके पर पहुँचकर बची लकड़ियों को अपने कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की।

जानकारी के अनुसार चोरी किए गए खैर के पेड़ों की गोलाई लगभग 4 से 5 फीट बताई जा रही है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह पेड़ कई साल पुराने और बेहद कीमती थे। खैर की लकड़ी बाजार में लाखों रुपये में बिकती है, ऐसे में इस घटना से न सिर्फ सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ है बल्कि पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंची है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पथरी जंगल में पहले भी कई बार खैर और चंदन के पेड़ों की चोरी हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर मामलों के बावजूद आज तक एक भी बड़ा तस्कर पकड़ा नहीं जा सका है।

इस पूरे मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मौ. सलीम (ग्राम घिस्सुपुरा, पोस्ट धनपुरा, थाना पथरी) ने प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) हरिद्वार को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी,की मांग उठाई है।

 

साथ ही उन्होंने जंगल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, नियमित गश्त बढ़ाने, रात्रि निगरानी को सख्त करने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

 

उच्च अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई है कि खैर के जिन पेड़ों को अज्ञात चोरों द्वारा काटा गया था उनके खिलाफ नाम दर्ज करवाई करते हुए दबिश दी जा रही है जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।