रक्षक ही बना भक्षक! पिता की घिनौनी करतूत सुन कांप जाएगी रूह, नाबालिग बेटी को बनाया हवस का शिकार, छोटी बेटी पर भी डाली गंदी नजर

शेयर करे

संपादक पुरुषोत्तम खरोला हरिद्वार

हरिद्वार: पथरी कहते हैं कि एक पिता अपनी बेटियों की ढाल होता है, लेकिन जनपद हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक कलियुगी बाप लंबे समय से अपनी ही बड़ी बेटी का शारीरिक शोषण कर रहा था।दरिंदगी की हदें तो तब पार हो गईं जब इस हवसी पिता ने अपनी छोटी बेटी की अस्मत पर भी गंदी नजर डाल दी। विरोध करने पर वह अपनी पत्नी और बच्चों से अक्सर बेरहमी से मारपीट करता था। आखिरकार परेशान घरवालों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने इस हैवान पिता के खिलाफ थाने में गुहार लगाई, जिसके बाद हरकत में आई पथरी पुलिस ने चंद घंटों के भीतर ही आरोपी पिता को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के सख्त निर्देश पर त्वरित कार्रवाई…

मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने तत्काल कड़ा संज्ञान लिया। एसएसपी भुल्लर ने आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए सख्त निर्देश जारी किए, जिसके बाद पुलिस ने बिना वक्त गंवाए जाल बिछाया।दरअसल, बीते दिन पथरी थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता (आरोपी की पत्नी) ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उसका पति उसकी 15 वर्षीय बड़ी बेटी के साथ दुष्कर्म कर रहा था और अब उसने अपनी 14 वर्षीय छोटी बेटी के साथ भी छेड़छाड़ कर जबरदस्ती का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तत्काल पोक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।थाना पथरी प्रभारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में मिली बड़ी सफलता…

थाना पथरी प्रभारी रविन्द्र कुमार के कुशल नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी को दबोचने के लिए हर संभावित ठिकाने पर दबिश देनी शुरू की। पुलिस की इस मुस्तैदी का नतीजा यह रहा कि मुकदमा दर्ज होने के चंद घंटों के भीतर ही, मुखबिर की सटीक सूचना पर आरोपी को घिस्सुपुरा से पथरी जाने वाले सड़क मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया।विधिक कार्यवाही पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। इस जघन्य अपराध के आरोपी को रिकॉर्ड समय में सलाखों के पीछे भेजने वाली पुलिस टीम में

उपनिरीक्षक विपिन कुमार,

महिला उपनिरीक्षक शाहिदा परवीन,

कास्टेबल अजीत तोमर

कांस्टेबल अनिल पंवार शामिल