(दु:खद) उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी का निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर

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संपादक पुरुषोत्तम खरोला हरिद्वार

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे उत्तराखंड समेत देशभर के राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और देहरादून के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन थे।

पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी के निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन और पारदर्शिता की मजबूत पहचान बनाई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खंडूड़ी जी ने प्रदेशहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर विकास को नई दिशा दी। उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और ईमानदार कार्यशैली हमेशा लोगों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। उन्होंने इसे उत्तराखंड ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति बताया।

अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी नेताओं में शामिल रहे बीसी खंडूड़ी को उत्तराखंड की राजनीति में साफ-सुथरी छवि और सख्त प्रशासनिक शैली के लिए जाना जाता था। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और जल्द ही भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।

भुवन चंद्र खंडूड़ी उत्तराखंड के चौथे मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने प्रदेश में सुशासन, सड़क विकास और पारदर्शी प्रशासन को लेकर कई बड़े फैसले लिए। उनके निधन से भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और प्रदेशवासियों में शोक का माहौल है।