श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में हुआ संस्कृत सप्ताह के द्वितीय दिवस का भव्य आयोजन
संपादक पुरुषोत्तम खरोला हरिद्वार, श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार में आयोजित किए जा रहे संस्कृत सप्ताह महोत्सव के अंतर्गत आज द्वितीय दिवस का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. रवीन्द्र कुमार ने कार्यक्रम समन्वयक की भूमिका निभाई, जबकि डॉ. श्रीओम शर्मा एवं डॉ. सुमन्त कुमार सिंह मुख्य वक्ता तथा प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. आलोक कुमार सेमवाल द्वारा किया गया।
डॉ. श्रीओम शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत केवल प्राचीन ग्रंथों तक सीमित भाषा नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों, दर्शन और सांस्कृतिक चेतना की संवाहक है। दैनिक जीवन में इसके व्यावहारिक प्रयोग से विचारों में स्पष्टता और अनुशासन आता है।
डॉ. सुमन्त कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि आधुनिक संदर्भों में संस्कृत शिक्षण को और अधिक सुलभ तथा वैज्ञानिक बनाने की आवश्यकता है। अपनी परिपूर्ण व्याकरणिक संरचना के कारण यह आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान और भाषाविज्ञान के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।
समन्वयक डॉ. रवीन्द्र कुमार के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस सत्र में वक्ताओं ने उपस्थित शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया। डॉ. आलोक कुमार सेमवाल ने अपने सहज और प्रभावी संचालन से मंच को गति प्रदान की।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अंत में समन्वयक एवं महाविद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए सत्र का समापन किया गया।


