संस्कृत के वैश्विक प्रसार के लिए समर्पित सुश्री दीपा अय्यर का प्रवास संपन्न

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संपादक पुरुषोत्तम खरोला हरिद्वार संस्कृत के वैश्विक प्रसार के लिए समर्पित सुश्री दीपा अय्यर का प्रवास संपन्न

संस्कृतभारती उत्तरांचलम् के प्रांतीय कार्यालय में एक विशेष मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत से पधारीं संस्कृतभारती की वरिष्ठ एवं सक्रिय कार्यकर्ता सुश्री दीपा अय्यर महोदया का पाथेय (मार्गदर्शन) एवं कार्यानुभव प्राप्त हुआ। दीपा जी ने बताया कि किस प्रकार सात समंदर पार अमेरिका में भी भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है। उन्होंने कैलिफोर्निया में चलाए जा रहे विभिन्न संस्कृत भारती एवं अन्य भाषाई प्रकल्पों की जानकारी साझा की। उन्होंने अपने कार्यानुभवों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को बताया कि आधुनिक जीवनशैली के बीच संस्कृत को जन-भाषा बनाने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, और उन्हें कैसे सुलभ बनाया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि वैश्विक एकता का सूत्र है। इसकी शुद्धता और सरलता को बनाए रखते हुए इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना हम सबका दायित्व है। प्रान्त अध्यक्ष डॉ आनंद भारद्वाज ने अमेरिका में शैक्षणिक प्रणाली एवं पेडागागी के सम्बन्ध में कार्यकर्ताओ को मार्गदर्शन प्रदान किया| कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं ध्येय मंत्र के साथ हुआ। कार्यक्रम के अंत में संस्कृत भारती उत्तरांचलम् के सह प्रान्तमंत्री डॉ वेदव्रत ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्कृत भारती उत्तरांचलम् के प्रान्तसंगठन मंत्री श्री गौरव शास्त्री, न्यास सदस्य श्री देशराज शर्मा, सहक्षेत्रमंत्री डॉ हरीश गुरूरानी, गीता शिक्षण प्रान्तप्रमुख डॉ अरविन्द नारायण मिश्र, विभाग संयोजक डॉ पवन कुमार, प्रचार प्रमुख श्री विवेक शुक्ल, सन्तोष, विजय त्यागी, और अनेक कार्यकर्ता, संस्कृत प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने दीपा जी के अनुभवों से प्रेरणा ली और संगठन कार्य को और अधिक गति देने का संकल्प लिया।