श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय,जन-जागरण के लिए निकलेगी विशाल संस्कृत शोभायात्रा 

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श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय,जन-जागरण के लिए निकलेगी विशाल संस्कृत शोभायात्रा

संपादक पुरुषोत्तम खरोला हरिद्वार) हरिद्वार। श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार में आज संस्कृतसप्ताह के समापन कार्यक्रम के अन्तर्गत षष्ठ दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें संस्कृतभाषा के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिये विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही संस्कृतसप्ताह कार्यक्रम के समापन अवसर पर दिनाङ्क – 31/08/2026 को श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार और संस्कृतभारती, उत्तराञ्चल के संयुक्त तत्वावधान में सुबह 9 बजे विशाल शोभायात्रा निकाली जायेगी। जिसमें पूर्व कैबिनेट मन्त्री श्री मदन कौशिक और मेयर श्रीमती किरण जैसल सहित कई गणमान्य लोग सम्मिल्लित होंगे। उनके साथ धर्मनगरी के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों, महाविद्यालयों और गुरुकुलों के सैकड़ों छात्र, अध्यापक, प्राचार्य तथा संस्कृत प्रेमी पूर्ण गणवेश और पारंपरिक वेशभूषा में हिस्सा लेंगे।

यात्रा की तैयारियों और इसके महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम के संयोजक डॉ. रवीन्द्र कुमार ने बताया कि हरिद्वार आदिकाल से ही ज्ञान, अध्यात्म और देवभाषा की साधना का केंद्र रहा है। इसे आधिकारिक रूप से ‘संस्कृतनगरी’ का गौरव प्राप्त है। इस पावन नगरी से उठने वाला संस्कृत का स्वर पूरे विश्व को शांति और सद्भाव का संदेश देता है। डॉ. रवीन्द्र कुमार ने यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा, “इस शोभा यात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस में देवभाषा संस्कृत के प्रति चेतना जागृत करना है। संस्कृत केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, संस्कारों और ज्ञान-विज्ञान की अमूल्य धरोहर है। इस यात्रा के माध्यम से हम भावी पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत, सनातन मूल्यों और वेदों के व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना चाहते हैं। संस्कृत नगरी हरिद्वार के इस भव्य आयोजन से पूरे राज्य और देश में संस्कृत के प्रति एक सकारात्मक संदेश जाएगा।” उन्होंने आगे बताया कि इस संस्कृत सप्ताह के द्वारा समाज को जोड़ने का प्रयास किया जायेगा, जिसका समापन कल इस भव्य शोभा यात्रा के रूप में होने जा रहा है। यात्रा के दौरान छात्र संस्कृत श्लोकों का उच्चारण, देशभक्ति गीतों का गायन और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ आगे बढ़ेंगे। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा यात्रा का भव्य स्वागत भी किया जाएगा।

आयोजन-समिति ने हरिद्वार के समस्त नागरिकों, बुद्धिजीवियों, सनातनधर्म के अनुयायियों और मातृशक्ति से अपील की है कि कल सुबह नियत समय 9:00 बजे शंकर आश्रम पहुंचकर इस ऐतिहासिक शोभायात्रा का हिस्सा बनें और देवभाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार में अपना अमूल्य योगदान दें। बैठक में संस्कृत भारती के प्रान्त संगठन मंत्री श्री गौरव शास्त्री, शोभायात्रा संयोजक डा रवीन्द्र कुमार, डा वेदव्रत, डा अंकुर कुमार आदि उपस्थित रहे।